JAMEEN VIVAD

Complaint Date:
Category: Others

Company Name:

न्यूज सुल्तानपुर…..!
********************

* पुलिस व राजस्व कर्मी के रहमोकरम पर रातो-रात चकमार्ग पर बनी दीवार व लगा गेट….

• जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के बरौंसा कस्बे के समीप अवैध कब्जे का मामला….

पीड़ित से प्राप्त जानकारी कइ अनुसार जयसिंहपुर कोतवाली पुलिस का यदि रहमोकरम आप पर है तो चाहे जो आदेश हो, कोई मायने नहीं रखता। विपक्षियों ने दबंगई के बलपर चकमार्ग को पिछले कई अर्से से कब्जा करने के साथ ही सार्वजनिक मार्ग को गेट लगाकर पूरी तरह से अवरूद्ध कर लिया है। फ रियादी निजात के लिए अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगाने को मजबूर है। उल्टे पुलिस ने फ रियादी समेत दो लोगों का चालान धारा 151 में करके इतिश्री कर ली। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जब पुलिस ने आम तौर पर शांतिभंग न हो इसके लिए कार्यवाही किया था तो विपक्षियों ने कैसे गेट व दीवार बनाकर सार्वजनिक मार्ग को अवरूद्ध कर लिया। एक बार फि र पीड़ित ने सार्वजनिक मार्ग खुलवाने के लिए डीएम व एसपी से मिलकर कार्यवाही की मांग की है। मामला जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बरौंसा ग्राम पंचायत का है। गांव निवासी पीड़ित काली सहाय उर्फ़ राजू शर्मा विपक्षियों के दबंगई से आहत है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि 16 अप्रैल को गांव के दबंग संदीप, अभिषेक व उनके चाचा विनय शुक्ला जबरन पीड़ित में पहले ताला जड़ दिए। इसके अलावा पहले से ही चकमार्ग गाटा संख्या 637 पर दीवार बनाकर विपक्षी जबरन काबिज है। जबकि तत्कालीन एसडीएम बाबूलाल ने कानूनगो व लेखपाल की आख्या पर स्थानीय कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को गाटा संख्या 637 पर हुए कब्जे को हटाने के लिए आदेश भी पारित कर चुके है। स्थानीय पुलिस आदेश का पालन कराने में नाकामयाब रही है। वहीं 20 अप्रैल की रात्रि दबंगों ने पुलिस को हमराह कर पीड़ित काली सहाय शर्मा के गेट के सामने सटाकर दीवार खड़ी कर लिए। वहीं आने-जाने वाले सार्वजनिक मार्ग में विपक्षियों ने गेट लगाते हुए नई दीवार बना लिया। जिसकी शिकायत पीड़ित 16 अप्रैल से ही कर रहा है। ऐसे में दबंग स्थानीय पुलिस को अच्छी-खासी कमाई कराते है। इतना ही नहीं क्षेत्र में इन दबंगों द्वारा हरे पेड़ों का कटान धड़ल्ले से कराया जाता है। तब तो यह लाजमी है कि पुलिस भी उसके गलत कार्यों में हाथ अवश्य बटायेगी। जिसका नतीजा यह रहा कि धारा 151 में चालान होने व पुलिस को जानकारी होते हुए भी दबंग अपने मंसूबे में कामयाब हो गए। स्थानीय एसओ ताराचन्द्र पटेल से जब दबंगई व पुलिस की मिलीभगत की चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामला राजस्व का है। जो भी आदेश होगा उसका पालन कराया जायेगा। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जब तत्कालीन एसडीएम का आदेश पहले से प्रभावी था, तो कैसे दीवार व गेट बन गया। यह पुलिसिया मिली भगत की पोल खोलने के लिए काफी है..

JAMEEN VIVAD
0 votes, 0.00 avg. rating (0% score)

Leave a Reply

  • (will not be published)

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>


two × = 10